नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास – Nalanda university history in hindi
नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास – Nalanda university history in hindi
अपने इस लेख हम इसी प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda university) के बारें में विस्तार से जानेगें कि:-
- नालंदा विश्वविद्यालय किसने बनवाया था?
- नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास क्या है?
- नालंदा विश्वविद्यालय हिस्ट्री इन हिन्दी?
- नालंदा विश्वविद्यालय को किसने जलाया था?
- नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना किसने कि थी?
- नालंदा किस तरह का विद्यालय था?
- नालंदा विश्वविद्यालय में कितने विद्यार्थियों पढतें थे?
- विश्वविद्यालय का खर्च किस प्रकार वहन किया जाता था?
- नालंदा विश्वविद्यालय को किसने बरबाद किया?
- नालंदा विश्वविद्यालय मे कौन पढ़ते थे?
- नालंदा विश्वविद्यालय कहाँ पर है?
- नालंदा विश्वविद्यालय का बौद्ध धर्म से क्या कनेक्शन है?
- नालंदा विश्वविद्यालय की रोचक जानकारी
- नालंदा विश्वविद्यालय के रोचक तथ्य
- नालंदा विश्वविद्यालय पर निबंध और एस्से लिखने मे भी हमारा यह लेख उयोगी है।
नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास, नालंदा यूनिवर्सिटी हिस्ट्री इन हिन्दी
Nalanda university history in hindi, About Nalanda university
प्राचीन काल में नालंदा में बौद्ध विश्वविद्यालय था, और एशिया में सबसे बड़ा स्नातकोत्तर शिक्षा का केन्द्र था। पांचवीं शताब्दी के आरम्भ से 700 वर्ष तक यहां बौद्ध धर्म दर्शन तथा अन्य विषयों की शिक्षा दी जाती थी। चीन, जापान, कोरिया, मंगोलिया, तिब्बत तथा श्रीलंका आदि देशों से विद्यार्थी यहां आकर कई वर्ष तक शिक्षा प्राप्त करते थे। और कठोर जीवन बिताते थे। प्रसिद्ध चीनी यात्री हवांग यांग ने भी यही आकर पांच वर्ष तक शिक्षा प्राप्त की थी।
इस विद्यालय मे 10 हजार विद्यार्थी और 1500 आचार्य थे। नागार्जुन, शीलमद्ध, आर्यदेव, संतरक्षित, वसुवंधु दिग्नाग, धर्मकीर्ति, कमलशील, अतिस, दीपकर, कुमारजीव, तथा पद्मसम्भव आदि आचार्यों ने यही से शिक्षा प्राप्त की थी, और विद्या की ज्योति विदेशों में ले गये थे।
नालंदा का अर्थ (Meaning of Nalanda)
संस्कृत के अनुसार “नालम् ददाति इति नालन्दा” का अर्थ कमल का फूल है। कमल के फूल के डंठल को ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। “दा” का अर्थ देना है। अतः जहाँ ज्ञान देने का अंत न हो उसे नालंदा कहा गया है।



Nice post
ReplyDeleteनालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास